Tag Archive | kahani

वेन की कथा

‘वेन उदार है….’ ‘वेन वीर है….’ ‘वेन निष्पक्ष, न्यायकर्ता है….’ ‘वेन का जन में विश्वास है….’ ‘अब से वेन ही हमारे सम्राट होंगे….’ ‘सम्राट अमर रहें….’ जयघोष के साथ दर्जनों मुट्ठियां हवा में लहराने लगीं. लोग खुशी से चिल्ला उठे. वेन को सम्राट चुन लिया गया. ऋषिकुल देखते रह गए. अभी तक उन्होंने राजतंत्रों को […]

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विविध की डायरी

बालकहानी विविध के दादू को डायरी लिखने का शौक है. बोर्डिंग में जाने पर विविध को घर की याद आई तो उसने भी कलम उठा ली. ये पन्ने उसी की डायरी के हैं, जो उसने अपने दादू को संबोधित करते हुए लिखे हैं— 17 फरवरी 2015 आज बोर्डिंग का तीसरा दिन है. मैं दो दिनों […]

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क्रीतदास

ईश्वर बदल चुका है. अब वह अपनी चिंता पहले से ज्यादा करता है. भक्त का मन देखने, उसकी भावना को सम्मान देने से अधिक वह चढ़ावे पर नजर रखता है. चढ़ावा अच्छा और भक्त की जेब भारी हो तो ईश्वर खुद चलकर भक्त के दरवाजे तक चला आता है. ‘ईश्वर मालदार के लिए उसके खूंटे […]

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कथा गुणीराम

एक घर के बाहर मेहमानों की भीड़ और भीतर से आती पकवानों की मनभावन गंध से कुत्ते ने अनुमान लगा लिया कि आज कोई भोज है. वह एक ठिकाना देख वहीं लेट गया. तब तक बस्ती के दूसरे कुत्ते भी वहां पहुंच चुके थे. आदमी के साथ रहते हुए वे उसके तीज-त्योहारों, ब्याह-भोज के बारे […]

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