Tag Archive | बोधकथा

आधुनिक लोककथाएं

आधुनिक लोककथा —एक गाय और भैंस को प्यास लगी. दोनों पानी पीने चल दीं. चलते–चलते गाय ने भैंस से कहा—‘मैं वर्षों तक न भी नहाऊं तब भी पवित्र कही जाऊँगी. ‘कोई क्या कहता है, से ज्यादा जरूरी अपनी असलियत पहचानना है.’ भैंस बोली. गाय की कुछ समझ में न आया, बोली—‘मैं समझी नहीं, तू चाहती […]

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समाधान

तानाशाह ने पुजारी को बुलाया—‘राज्य में सिर्फ हमारा दिमाग चलना चाहिए. हमें ज्यादा सोचने वाले लोग नापसंद हैं.’ ‘एक–दो हो तो ठीक, पूरी जनता के दिमाग में खलबली मची है सर!’ पुजारी बोला. ‘तब आप कुछ करते क्यों नहीं?’ ‘मुझ अकेले से कुछ नहीं होगा.’ ‘फिर….’ इसपर पुजारी ने तानाशाह के कान में कुछ कहा. […]

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सबसे ताकतवर शब्द

महान चीनी दार्शनिक कन्फ्युशियस अपने मित्रों के साथ सत्य की खोज में निकला हुआ था. साथ में थे उसके बीस जिज्ञासु साथी. जिनमें व्यापारी, किसान, मजदूर, दस्तकार, गरीब और अमीर सभी शामिल थे. वे सभी कन्फ्युशियस को अपना गुरु मानते थे. तीन महीनों तक उनकी यात्रा निरंतर चलती रही. इस बीच कन्फ्युशियस अपने चिंतन-मनन में […]

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