1 टिप्पणी

परिवर्तन

उदास मन से कुत्ता आगे बढ़ रहा था. उसको अपनी कुतिया की बहुत याद आ रही थी.

काश! इस समय वह भी यहां होती?’ तभी सामने से एक देवदूत आता दिखाई पड़ा.

एक यमदूत अभीअभी एक कुतिया को लेकर आया है, बहुत ही प्यारी कुतिया है.’ कुत्ते के मन की बात समझकर देवदूत ने कहा.

तब तो वह मेरी ही कुतिया होगी…’ कहते हुए कुत्ते ने यमलोक की ओर दौड़ लगा दी. कुछ ही देर में वह यमलोक के दरवाजे पर था. वह भीतर जाना चाहता था. पर दरबान ने उसको रोक दिया.

वे लोग मेरी कुतिया को लेकर आए हैं. मैं उससे मिलना चाहता हूं.’

पर तुम तो ईश्वर के दुत्कारे हुए हो, और जिन्हें वह दुत्कार देते हैं, उनकी यहां कोई मदद नहीं करता.’

तुम किसी तरह कुतिया से कहो कि मैं उससे मिलना चाहता हूं. कुत्ता गिड़गिड़ाने लगा.

ठीक है, उधर बैठ जाओ. कुछ देर बाद जब यमराज उसका हिसाब कर देंगे तो वह यहीं से वापस आएगी.’ कुत्ता बैठकर प्रतीक्षा करने लगा. कुछ देर बाद कुतिया बाहर आई. उसके साथ वही दूत था, जो कुत्ता को ईश्वर के पास छोड़कर आया था. अब वह कुतिया को समझा रहा था. कुत्ते की उसपर नजर पड़ी तो उठा. कुतिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए वह भोंका. कुतिया ने उसकी ओर देखा भी. परंतु उसकी ओर ध्यान दिए बिना ही वह आगे बढ़ती चली गई. कुत्ते को बड़ा ही अजीब लगा. वह रास्ता रोककर खड़ा हो गया

रास्ता छोड़ो! यहां तुम्हारी मनमानी नहीं चलेगी.’ कुतिया ने कहा.

मैं तो सिर्फ बताना चाहता हूं कि ईश्वर वैसा नहीं है, जैसा यह दूत तुम्हें बता रहा है.’

तो इसमें कोईसी विचित्र बात है. जब से होश संभाला है, मैं भी आदमियों के बीच में रही थी. खूब अच्छी तरह से जानती हूं कि जो जैसा दिखता है, वह वैसा होता नहीं.’

वह आदमी से भी काईयां है…’

जरूर होगा, तभी तो वह ईश्वर है; और लोग उसकी पूजा करते हैं.’ कुतिया ने कहा और इठलाती हुई आगे बढ़ गई.

मुंह लटकाए कुत्ता एक ओर को चल दिया.

ओमप्रकाश कश्यप

 

Advertisement

One comment on “परिवर्तन

  1. आपकी ये श्वान कथा बढिया लगी…… आभार

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: